चिल्फीघाटी सरोदा दादर

जिला मुख्यालय कवर्धा से करीब 50 किमी और चिल्फीघाटी से 5 किलोमीटर दूर सरोदा दादर मौजूद है। यह समुद्र तल से करीब 3 हजार फीट ऊंचाई पर है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सराेदा दादर में 10 एकड़ क्षेत्र में 3 करोड़ रुपए से ट्राइबल टूरिज्म सर्किट तैयार की जा रही है, जिसमें इंटरनेशनल लेवल (अंतर्राष्ट्रीय स्तर) की सुविधाएं डेवलप की जा रही हैं। 

यहां हर साल आने वाले देशी- विदेशी सैलानियों को ठहने बैम्बू और वूड- हाउस बनाए जा रहे हैं। सैलानियों के लिए 12 बैम्बू हाउस बनाने हैं, जिसमें से 8 तैयार हो चुके हैं। वहीं वुड- हाउस बनाने का काम जारी है। हर साल नवंबर महीने से यहां सैलानी पहुंचना शुरू हो जाते हैं। ठंड में यहां का तापमान माइनस में चला जाता है, जो सैलानियों को मैनपाट की अनुभूति कराता है। 

इंग्लैंड, स्विट्जरलैंड व आॅस्ट्रेलिया से हर साल आते हैं सैलानी: चिल्फीघाटी और सरोदा दादर में पर्यटन का लुत्फ उठाने के लिए हर साल 40 से 45 की संख्या में विदेशी सैलानी आते हैं। इनमें से ज्यादातर इंग्लैंड के होते हैं। साथ ही आॅस्ट्रेलिया, स्विट्जरलैंड, फ्रांस, जर्मनी और अमेरिका से भी पर्यटक आते हैं, जो यहां की आदिवासी संस्कृति को उनके बीच रहकर जानने की कोशिश करते हैं। 

कवर्धा.समुद्र तल से 3 हजार फीट ऊंचे सरोदादादर में निर्माणधीन वुड हाउस। 

सफारी, ट्रैकिंग और कैंपिंग का मजा ले सकेंगे पर्यटक 

यहां पर टूरिज्म की बड़ी संभावना है। सरोदा दादर और पीड़ाघाट में वॉच टॉवर बना है। भोरमदेव अभयारण्य के जामुनपानी और प्रतापगढ़ में जंगल सफारी कर वन्यप्राणियों को देखने सकते हैं। यहां से कान्हा नेशनल पार्क भी घूमने जा सकते हैं। पहाड़ों पर ट्रैकिंग व कैंपिंग का मजा ले सकते हैं। इन सबमें सबसे खास यहां की आदिवासी संस्कृति है, जो विदेशी पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। 
देशी-विदेशीपर्यटकोंकोआकर्षितकरनेडेवलपमेंट 
इस काम के लिए केंद्र ने दिए 200 करोड़ रुपए 
छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल आदिवासी बाहुल क्षेत्रों में और धार्मिक महत्व के स्थलों को केंद्र सरकार के सहयोग से विकसित कराया जा रहा है। इनमें ट्राइबल टूरिज्म सर्किट और रामायण सर्किट शामिल है। इसके लिए पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार ने 200 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी थी। प्रथम चरण में राज्य पर्यटन मंडल को 20 करोड़ रुपए जारी किया गया है। इसी राशि से ट्राइबल टूरिज्म सर्किट का काम शुरू किया है। 
सरोदा दादर कैसे पहुंचे ?
चिल्फीघाटी के लिए चलती हैं पैसेंजर बसें 
जिला मुख्यालय कवर्धा से चिल्फी घाटी के लिए पैसेंजर बसें चलती हैं। इसके अलावा कवर्धा में किराए पर निजी गाड़ियां भी मिल जाएंगी, जहां पहले चिल्फी फिर सरोदा दादर के जरिये इस स्थान पर पहुंचा जा सकता है। 

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